HI/700701 प्रवचन - श्रील प्रभुपाद लॉस एंजेलेस में अपनी अमृतवाणी व्यक्त करते हैं: Difference between revisions

 
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Latest revision as of 15:13, 21 January 2023

HI/Hindi - श्रील प्रभुपाद की अमृत वाणी
"शुरुआत है, श्रीमद-भागवतम का अर्थ है कृष्ण। यह अन्यथा नहीं हो सकता है। यह कृष्ण कथा है। भगवद-गीता भी कृष्ण कथा है। कथा का अर्थ है वाक्य। इसलिए कृष्ण द्वारा बोले जाने वाले कृष्ण वाक्य, यह भगवद-गीता है। और जो वाक्य कृष्ण के बारे में बोले गए हैं, वह है श्रीमद भागवतम। या कृष्ण के भक्तों के बारे में, वह भागवत हैं। इसलिए भागवत, दो प्रकार के भागवत हैं। एक, यह ग्रन्थ भागवत, और दूसरा, व्यक्ति भागवत, भक्त। वह भी भागवत है। चैतन्य महाप्रभु अनुशंसा करते हैं कि भागवत परा गिया भागवत स्थाने: 'आपको श्रीमद भागवतम भागवत से, व्यक्ति भागवता से सुनना चाहिए'। अन्यथा आप ठीक से समझ नहीं पाएंगे। भागवत परा गिया भागवत स्थाने।"
700701 - प्रवचन श्री.भा. ०२.०१.०१ - लॉस एंजेलेस