HI/680924b प्रवचन - श्रील प्रभुपाद सिएटल में अपनी अमृतवाणी व्यक्त करते हैं

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HI/Hindi - श्रील प्रभुपाद की अमृत वाणी
"संघर्ष बिल्कुल नहीं है। संघर्ष उन व्यक्तियों के बीच है जो ईश्वरविहीन हैं, जो ईश्वर में विश्वास नहीं करते। संघर्ष है। संघर्ष पूर्व और पश्चिम के बीच नहीं है। संघर्ष नास्तिक और आस्तिक के बीच है। हम उपदेश दे रहे हैं। कृष्ण चेतना, ऐसा नहीं है कि हम भारतीय पद्धति द्वारा कुछ को ईसाई पद्धति या यहूदी पद्धति से प्रतिस्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं। यह हमारी नीति नहीं है। यह ... एक अर्थ में, कृष्ण चेतना आंदोलन सभी धर्मों का स्नातकोत्तर अध्ययन है। क्या है धर्म की विधि? भगवान के अधिकार को स्वीकार करने के लिए। "
680924 - Recorded Interview - सिएटल