HI/690111b प्रवचन - श्रील प्रभुपाद लॉस एंजेलेस में अपनी अमृतवाणी व्यक्त करते हैं

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HI/Hindi - श्रील प्रभुपाद की अमृत वाणी
"जब कृष्ण व्यक्तिगत रूप से मौजूद थे, तो उन्होंने बस हमें आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने खुद को इतनी आसानी से वितरित नहीं किया। उन्होंने शर्त रखी कि, "सबसे पहले आप आत्मसमर्पण करें।" लेकिन यहां, इस अवतार में, भगवान चैतन्य, हालांकि वे स्वयं कृष्ण हैं, वे कोई शर्त नहीं रखते हैं। वे बस वितरित करते है, "कृष्ण प्रेम का आनंद लें।"
690111 - प्रवचन श्रीकृष्ण चैतन्य प्रभु (वैष्णव गीत) पर व्याख्या - लॉस एंजेलेस